रेलवे में नौकरी लगवाने का वादा कर महिला से ठगी, थमाया फर्जी नियुक्ति पत्र - World Media

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रेलवे में नौकरी लगवाने का वादा कर महिला से ठगी, थमाया फर्जी नियुक्ति पत्र

रेलवे में नौकरी लगवाने का वादा कर महिला से ठगी, थमाया फर्जी नियुक्ति पत्र

जबलपुर : रेलवे के ग्रुप डी में नौकरी दिलवाने के नाम पर एक महिला से युवक ने ठगी कर एक लाख 80 हजार रुपये वसूल लिए। इतना ही नहीं इन पैसों को वसूलने के लिए उसे महिला के सोने-चांदी के जेवर तक बिकवा दिए। मामला जबलपुर रेल मंडल से जुड़ा है। दरअसल जबलपुर रेल मंडल की आरपीएफ अपराध शाखा ने रेलवे में नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी करने वाले को पकड़ा है।

जबलपुर रेल मंडल में नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी

पूछताछ में पता चला कि जबलपुर रेल मंडल में नौकरी लगवाने के नाम पर इसने महिला से पहले 60 हजार रुपये नकद लिए और मोबाइल से पैसे वसूले। इतना ही नहीं महिला ने जब उससे अतिरिक्त पैसे न होने की बात कहीं तो उसने, उसकी सोने की अंगूठी, कान के झाले भी बिकवा दिए। आरपीएफ की अपराध शाखा ने ठगी करने वाले युवक को पकड़कर जीआरपी के हवाले कर दिया, जिसके बाद उसे जेल भेज दिया गया।

जानकारी के मुताबिक रेलवे में नौकरी दिलाने के लिए पैसे लेने वाले ठग विकास अवस्थी 28 वर्ष निवासी कुसमी मानगढ़ थाना जबेरा जिला दमोह से गिरफ्तार किया गया। उसने अन्नू साहू ,पति अनुरूध्द साहू 36 वर्ष निवासी सदर जबलपुर से रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये वसूले और फिर फर्जी नियुक्त पत्र थमा दिया

इस तरह पकड़ा गया ठग

पीड़ित महिला नौकरी के लिए परेशान थी। इस दौरान फेसबुक के जरिए उसकी दोस्ती विकास अवस्थी से हुई। पहले उसने दोस्ती कर महिला की परेशानी के बारे में पूछा। इस पर जब महिला ने नौकरी की जरूरत बताई तो उसने रेलवे में नौकरी लगवाने और बदले में दो लाख से अधिक पैसे लगने की बात की। इधर महिला गरीब थी, लेकिन उसने किसी तरह 60 हजार पैसे की व्यवस्था कर ठग विकास को दे दिए, लेकिन उसने और पैसे मांगे, इसके बाद महिला ने कुछ पैसे फोन के जरिए भेजे। शेष पैसे के लिए महिला ने अपने जेवर बेंच दिए, लेकिन इसके बाद भी उसकी नौकरी नहीं लगी।

शक होने पर शिकायत

महिला ने जब उसकी शिकायत करने की बात कहीं तो उसने पीड़ित महिला को स्टेशन बुलाया और उसे फर्जी नियुक्त पत्र थमा दिया। इधर महिला को विकास की बातों पर शक हुआ और उसने इसकी जानकारी आरपीएफ को दी। आरपीएफ की अपराध शाखा के एएसआइ अमित सिंह, आरक्षक देवेंद्र सिंह और राघवेंद्र पाठक ने उसे धर दबोचा और जीआरपी के हवाले कर दिया।

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