लैंड जिहाद प्रकरण में अमित व जयंत मुखर्जी की हत्या के आरोप मनगढ़ंत - World Media

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लैंड जिहाद प्रकरण में अमित व जयंत मुखर्जी की हत्या के आरोप मनगढ़ंत

लैंड जिहाद प्रकरण में अमित व जयंत मुखर्जी की हत्या के आरोप मनगढ़ंत

#Allegations of murder of Amit and Jayant Mukherjee in Land Jihad case are fabricated

Highlights :
  • दोनों की मृत्यु प्राकृतिक कारणों से होने का तथ्य हुआ रेखांकित
  • स्वजनों ने नहीं जताया संदेह, भंडारी अस्पताल ने नहीं भेजी तहरीर
  • प्रभा मुखर्जी का अंतिम संस्कार गुप्त रूप से कराने का आरोप पाया झूठा

जबलपुर  : जबलपुर शहर के व्यस्ततम व्यापारिक क्षेत्र बड़ा फुहारा में फल का ठेला लगाने वाले दो मुस्लिम युवकों पर लैंड जिहाद के आरोप के मामले में नया मोड़ आ गया है। पुलिस अधीक्षक टीके विद्यार्थी के निर्देश पर मामले की जांच करने वाली एडिशनल एसपी, सिटी प्रियंका शुक्ला ने साफ किया है कि अमित व जयंत मुखर्जी की हत्या के आरोप मनगढ़ंत पाए गए हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि दोनों की मृत्यु प्राकृतिक कारणों से होने का तथ्य रेखांकित हुआ है। स्वजनों ने हत्या का संदेह नहीं जताया था। साथ ही भंडारी अस्पताल की ओर से भी इस सिलसिले में कोई तहरीर पुलिस को नहीं भेजी गई थी। इसी तरह प्रभा मुखर्जी का अंतिम संस्कार एक प्रापर्टी ब्रोकर के साथ मिलकर दोनों

मुस्लिम युवकों द्वारा गुप्त रूप से किए जाने का आरोप भी जांच रिपोर्ट में झूठा पाया गया है।

गवाहों के बयान किए गए दर्ज

एडिशनल एसपी, सिटी प्रियंका शुक्ला ने बताया कि इस मामले की जांच प्रक्रिया के दौरान गवाहों के बयान दर्ज किए गए। प्रभा मुखर्जी की मृत्यु 29 अप्रैल, 2015 को हुई थी, जिनकी अंतिम संस्कार गौरीघाट मुक्तिधाम में किया गया। मुकेश जैन, सुलभ शर्मा, मनोज कुमार दुबे ने अपने कथनों में साफ किया है कि अंतिम संस्कार बंगाली रीति-रिवाज से हुआ था। इस दौरान बंगाली पंडित के साथ अशरफ गुड्डू व अशरफ के अलावा तीनों गवाह मौजूद थे।


संपत्ति विवाद सिविल प्रकृति का, हाई कोर्ट में विचाराधीन, आपराधिक प्रकरण का आधार नहीं

एडिशनल एसपी, सिटी प्रियंका शुक्ला ने बताया कि जांच रिपोर्ट में यह तथ्य भी उजागर हुआ है कि बंगाली ब्राह्मण वृद्धा प्रभा मुखर्जी ने अपने पति हर्ष मुखर्जी व पुत्रद्वय अमित व जयंत मुखर्जी की मृत्यु के बाद अशरफ द्वय के नाम दो पंजीकृत वसीयतनामे व विक्रय पत्र निष्पादित किए थे। इस संबंध में कोई आपत्ति दर्ज नहीं हुई। अधीनस्थ अदालत ने अशरफ द्वय के पक्ष में निर्णय लिया था। कुल मिलाकर संपत्ति प्रकरण सिविल प्रकृति का है और हाई कोर्ट में विचाराधीन है। लिहाजा, आपराधिक प्रकरण का आधार नहीं बनता।

यह था मामला

नर्मदापुरम (होशंगाबाद) निवासी आनंद चौधरी ने पुलिस अधीक्षक को जनसुनवाई के दौरान शिकायत सौंपी थी, जिसमें आरोप लगाया था कि उनकी बुआ प्रभा मुखर्जी व उनके बेटों अमित व जयंत की हत्या करके करोड़ों की संपत्ति फर्जी वसीयतनामों के जरिए हड़प ली गई है। अत: लैंड जिहाद में शामिल मुस्लिम युवकों व उनके सहयोगियों पर कार्रवाई की जाए। उनके वकील प्रशांत पाठक ने भी लैंड जिहाद का आरोप लगाते हुए वीडियो वायरल कर पुलिस से कार्रवाई की मांग की थी।

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