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महिलाओं को घरेलू हिंसा के विरुद्ध मिला अधिकार महत्वपूर्ण

महिलाओं को घरेलू हिंसा के विरुद्ध मिला अधिकार महत्वपूर्ण

#Women get important rights against domestic violence

Highlights :
  • घर में अपने प्रति हो रही किसी भी हिंसा के विरुद्ध अपनी शिकायत दर्ज करा सकती हैं
  • पत्नी, या महिला लिव-इन-पार्टनर में हिंसा के विरुद्ध शिकायत दर्ज करा सकती हैं
  • महिला के साथ कुछ अपराध होता है तो शिकायत किसी भी थाने में दर्ज करा सकती हैं


जबलपुर :  मप्र हाई कोर्ट में एक दशक से वकालत कर रहीं अधिवक्ता सुनंदा केशरवानी ने घरेलू हिंसा के विरुद्ध मिले महत्वपूर्ण अधिकार के सिलसिले में जानकारी दी। उन्हाेंने बताया कि किसी भी महिला के पास यह अधिकार है कि वह घर में अपने प्रति हो रही किसी भी हिंसा के विरुद्ध अपनी शिकायत दर्ज करा सकती है। भारतीय दंड संहिता के तहत पत्नी, या महिला लिव-इन-पार्टनर अपने विरुद्ध हो रही हिंसा के विरुद्ध शिकायत दर्ज करा सकती है। किसी भी महिला के साथ मौखिक, आर्थिक, शारीरिकी और मानसिक हिंसा अपराध है। इस अपराध के लिए गैर जमानती सजा का प्रविधान है।

महिला के साथ कुछ अपराध होता है तो शिकायत किसी भी थाने में दर्ज कर सकती हैं

कानून द्वारा महिलाओं को जीरो एफआइआर की भी सुविधा प्रदान की गई। जीरो एफआइआर का अर्थ होता है यदि महिला के साथ कुछ अपराध घटित होता है तो वह उस वक़्त अपनी शिकायत किसी भी पुलिस थाने में कहीं से भी दर्ज कर सकती है। इस जीरो एफआइआर को बाद में उस थाने तक पहुंचा दिया जाता है जहां घटना या अपराध घटित हुआ होता है।

भरण-पोषण अधिकार

भरण पोषण के अधिकार का आशय मेंटेनेंस से है। डोमेस्टिक वायलेंस अधिनियम महिलाओं को यह अधिकार प्रदान करता है कि महिला अपने पति द्वारा जीवन भर भरण-पोषण का अधिकार रखेगी। तलाक हो जाने के बाद भी महिला के पास यह अधिकार रहता है।

विवाहित बेटी का अनुकंंंपा नियुक्ति का अधिकार

सुप्रीम कोर्ट द्वारा कर्नाटक सरकार बनाम अपूर्वाश्री के मामले में बेटी को शादी के बाद दूसरे घर का होने जाने की बात को दकियानूसी करार देते हुए यह निर्णय दिया गया था कि विवाहित बेटी अनुकम्पा नियुक्ति के आधार पर सरकारी नौकरी का अधिकार रखती है।

मैटरनिटी लीव या मातृत्व अवकाश का अधिकार

संविधान द्वारा उन महिलाओं को जो किसी सरकारी संस्थान या निजी संस्थान में कार्यरत हैं मैटरनिटी लीव या मातृत्व अवकाश लेने का अधिकार है। यह मैटरनिटी लीव महिलाएं अपनी जरूरत के हिसाब से ले सकती हैं।


स्त्री धन पर अधिकार

विवाह के समय वधु को मिले हुए उपहार को स्त्री धन कहा जाता है, जिस पर महिला का पूर्ण अधिकार होता है। यदि ससुराल पक्ष की ओर से स्त्री धन पर कब्ज़ा कर लिया जाए तो महिला शिकायत दर्ज करा सकती है।


महिला आरक्षण बिल को लेकर सराहना

श्री विश्वकर्मा महापंचायत ने महिला आरक्षण बिल पास कराने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना की। प्रशांत विश्वकर्मा ने कहा कि इस तरह के कदम देश को मजबूत बना रहे हैं। इससे समाज में समानता का संदेश प्रसारित हो रहा है। संतोष विश्वकर्मा, विनोद विश्वकर्मा, डा.राकेश विश्वकर्मा सहित अन्य ने इसी तरह भारत में नवाचार जारी रखने की आवश्यकता रेखांकित की

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