आज तनाव या डिप्रेशन में हैं आप तो हो जाएंगे एंग्जाइटी के शिकार , ऐसे बचें
#If you are under stress or depression today, you will become a victim of anxiety, avoid it like this
जबलपुर। आत्महत्या करने का विचार मानसिक रोग कर क्षेणी में आता है। अगर आप शारीरिक, मानसिक रूप से स्वस्थ हैं तो आपसे बेहतर कोई नहीं है। जीवन में विपरीत परिस्थति का सामना करना पड़ता है। आज इच्छापूर्ति के लिए अनावश्यक तनाव ले रहा है। सुख-सुविधा पाना चाहता है, नहीं मिलता है तो निराश हो जाता है। अनावश्यक घातक तनाव, अवसाद लेकर मानसिक रोगों से ग्रसित होता है। तनाव से लड़ने में अक्षम व्यक्ति डिप्रेशन, एंग्जाइटी के शिकार हो जाते हैं। व्यक्ति स्वयं को निःसहाय महसूस करता है।मानसिक रोग से परेशान हैं तो जानें...
मनोरोग के उपचार के लिए चिकित्सक के पास जाएं। नींद न आए, चिड़चिड़ाहट या घबराहट हो, किसी कार्य में मन न लगे या व्यवहार में बदलाव देखें तो परिवार को पहल करनी चाहिए। मनोचिकित्सक कई समस्याओं में मदद कर सकते हैं। जितने देर से उपचार आरंभ होगा उतना ही परिवार और मरीज के लिये कष्टदायक होगा।अच्छे मानसिक स्वास्थ्य के लिए करें यह काम
पौषक तत्व वाला ही भोजन करें। तभी मस्तिष्क भी बेहतर कार्य करेगा। बहुत ज्यादा चाय या काफी पीने से बचें। एल्कोहल से दूर रहें। एल्कोहल पीने से सेडनेस बढ़ सकती है। साथ ही इससे तनाव भी धीरे धीरे बढ़ने लगता है जिसे बाद में नियंत्रित करना मुश्किल होता है। स्वयं को एवं परिवार को पर्याप्त समय दें। जिस तरह आप अपने शरीर की देखभाल करते हैं उसी तरह आपको अपने मस्तिष्क का भी ख्याल रखना पड़ेगा। जब हम अपने मस्तिष्क का भी ख्याल रखने लगते हैं तब आपके विचार भी स्वस्थ होते हैं और आप स्वस्थ महसूस करते हैं।भरपूर नींद लें
सोने का आपके मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव - पड़ता है। जब हम अच्छी और पर्याप्त नींद लेते हैं तो हम तनाव पर अच्छी तरह काबू पा सकते हैंए कन्सन्ट्रेट कर पाते हैं और सकारात्मक साचे पाते हैं। आपको कितनी नींद चाहिए यह आपके अपने शरीर पर निर्भर करता है। यदि आप दिनभर में नींद महसूस नहीं करते हैं तो समझ लीजिए कि आपने पूरी नींद ली है।दिन में केवल 30 मिनट का व्यायाम भी काम का
दिन में केवल 30 मिनट का व्यायाम भी आपके मानसिक स्वास्थ्य में सकारात्मक बदलाव ला सकता है।व्यायाम से शरीर दुरुस्त और मस्तिष्क स्वस्थ रहेंगे। दिन में केवल 30 मिनट का व्यायाम भी आपके मानसिक स्वास्थ्य में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। कुछ ऐसे व्यायाम चुनें जिन्हें करने में आप आरामदायक और खुशी महसूस करें। व्यायाम अकेले की जगह किसी के साथ करें ऐसा करने से आप दूसरों के साथ कनेक्ट हो पाएंगे. और व्यायाम को ज्यादा एन्जॉय करेंगे। किसी भी कार्य को जल्दबाजी में न करें। न ही किसी भी कार्य को बोझ
दिल तो बच्चा है, इसे बहलाएं...
जिसका शौक हो वह जरूर करें। समय निकालें चाहें जितने भी व्यस्त हों। ऐसा करने से आप मानसिक रूप से भी खुद को तरोताजा महसूस करेंगे। मस्तिष्क में फील गुड हार्मोन का स्त्राव होता है जिससे आपकी मेंटल हेल्थ पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। सकारात्मक सोचें अच्छे मानसिक स्वास्थ्य का मतलब यह नहीं है कि सिर्फ अच्छे विचार ही सोचने हैं। जीवन में उतार चढ़ाव लगे रहते हैं ऐसे में समस्या का निदान सकारात्मक रूप से करना और सोचना ही अच्छे मानसिक स्वास्थ्य को दर्शाती हैं।सकरात्मक साेचने के लिए कुछ यूं करें
अपने साथ हुए किसी बुरे हादसे या घटना को हमेशा सोचते रहने से बचें। किसी भी कार्य को लेकर यह न सोचें कि केवल बुरा ही होगा न ही यह कि केवल अच्छा होगा। सकरात्मक साचेते हुए जो भी होगा उसे स्वीकारने की प्रवृत्ति रखें। घर में बंद रहने से बेहतर बाहर निकलें। दोस्तों से मिलें । हते में एक दिन ऐसे लोगों से जरूर मिलें जो सकारात्मक सोच रखते हैं और आपको भी सकारात्मक साचने के लिए प्रेरित करते हैं। ऐसा करने से आपका मानसिक विकास होता है और आप अपने विचार भी शेयर करके हल्का महसूस करते हैं।#khushitimes, #lifestyle, #jabalpur, #todeynews, #latestnews,
