जमीन खरीदी और टाउनशिप निर्माण में करोडों की गड़बड़ी, दस्तावेजों में साझेदारों के नाम - World Media

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जमीन खरीदी और टाउनशिप निर्माण में करोडों की गड़बड़ी, दस्तावेजों में साझेदारों के नाम

जमीन खरीदी और टाउनशिप निर्माण में करोडों की गड़बड़ी, दस्तावेजों में साझेदारों के नाम

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Highlights :
  • आइटी की इंवेस्टीगेशन विंग के साथ जबलपुर आसपास के जिलों के आइटी अधिकारी कार से पहुंचे।
  • यह कार्रवाई भोपाल स्थित आयकर विभाग के मुख्य कार्यालय के निर्देशन पर की गई है।
  • आइटी विभाग की इंवेस्टीगेशन विंग के अधिकारियों ने छापेमारी को पूरी तरह से गोपनीय रखा।

खुशी टाइम्स, जबलपुर : राजुल बिल्डर्स के घर, दफ्तर समेत कई ठिकानों पर आयकर विभाग ने छापा मारा। कार्रवाई आइटी विभाग की इंवेस्टीगेशन विंग के अधिकारियों ने की। छापेमारी को पूरी तरह से गोपनीय रखा गया। आइटी अधिकारी कार्रवाई करने जिन कारों से पहुंचे, उनमें गणेश उत्सव समिति, नर्मदा परिक्रमा का स्टीकर लगाए हुए थे, ताकि किसी को छापेमारी की भनक तक न लगे।

जबलपुर, भोपाल, कटनी, सतना, शहडोल, रीवा और डिंडौरी से टीमें पहुंची थीं
आइटी विभाग के सूत्रों के मुताबिक सोमवार रात को ही छापेमारी के लिए जबलपुर, भोपाल के साथ् कटनी, सतना, शहडोल, रीवा और डिंडौरी से आइटी अधिकारियों की टीमें शहर पहुंच गई थीं। किसी अधिकारियों को छापा मारने वाली जगह की जानकारी नहीं दी गई। सुबह लगभग छह बजे उन्हें इस बारे बताया गया। सुबह सात से आठ बजे के बीच राजुल बिल्डर 10 से ज्यादा ठिकानों पर छापे मारे। कुछ टीमें बिल्डर की निर्माणधीन टाउन शिप के दफ्तर में पहुंची, जहां से उन्होंने दस्तावेजों को जब्त किया गया।

करोड़ों की जमीन खरीदी के फर्जी दस्तावेज

सूत्रों के मुताबिक आइटी के अनुभवियों की टीम ने घर और दफ्तर से सभी दस्तावेजों का जब्त कर लिया है। यहां से करोड़ों की जमीन खरीदी के कागज मिले हैं, जिसमें शहर के कई दिग्गज और उनके सहयोगियों के नाम सामने आए हैं। इतना ही नहीं मौके पर कुछ फर्जी जमीन खरीदी से जुड़े कागज भी मिले हैं, जिनकी विस्तृत जांच करने के लिए आइटी ने उन्हें जब्त कर लिया है। इधर कम्प्यूटर और लेपटाप की हार्ड डिस्क, लेन-देन से जुड़े दस्तावेज और कई रिटर्न की कापी भी जब्त की गई है। अब तक की जांच में करोड़ों के गोलमाल का खेल सामने आया है। हालांकि आइटी विभाग के जांच अधिकारी इस बारे में कुछ भी कहने से बच रहे हैं। उनके मुताबिक जांच पूरी होने के बाद भी पूरी स्थिति साफ होगी।

जमीन बेचने बनाते थे दबाव, नकद करते थे लेनदेन

छापेमारी की कार्रवाई के दौरान संचालक और उनके कर्मचारी और परिवारवालों के मोबाइल जब्त कर लिए गए। कार्रवाई के दौरान सभी ने लंबी पूछताछ की गई। मौके से मिले दस्तावेज, बैंक खाते, पासबुक, चेकबुक समेत सभी वित्तीय दस्तावेजों को खंगाला जा रहा है। कई शासकीय और निजी बैंक में खाते से जुड़े दस्तावेज मिले हैं, जिनमें संचालक के साथ्, उनके परिवारजन और कर्मचारियों का नाम दर्ज है। इधर कई बैंक लाकर की भी जानकारी लगी है, जिसे खोलने के लिए आइटी विभाग ने अपनी कार्रवाई शुरू कर दी है। इतना ही नहीं सूत्र बताते हैं कि कई शासकीय और आदिवासी से जुड़ी जमीन के दस्तावेज भी सामने आए हैं, जिसे जांच में लिया गया है।

30 से ज्यादा अधिकारियों ने मारा छापा

सोमवार की देर रात को सभी आइटी अधिकारियों को शहर की छोटी होटल और लाज में रूकवाया गया। इतना ही नहीं उन्हें आने-जाने के लिए किराए के वाहन दिए गए थे, ताकि किसी बिल्डर या फिर उद्योगपति को इसकी भनक न लगे। इस दौरान अधिकारियों की वेशभूषा भी नर्मदा परिक्रमा वासियों की तरह रखी गई। छापा कब और कहां मारा जाएगा, इसकी जानकारी जबलपुर और भोपाल के आयकर के इंवेस्टीगेशन विंग के वरिष्ठ अधिकारियों को ही थी। सुबह के वक्त एक साथ कारों ने राजुल बिल्डर के घर, दफ्तर, गोदाम और निर्माणीधीन टाउनशिप पहुंचे और फिर कार्रवाई को अंजाम दिया गया।

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